हाई कोलेस्ट्रोल के लक्षणों को शरीर में डिटेक्ट करना बहुत मुश्किल होता है. यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी कई गंभीर बीमारियों को बढ़ावा देता ह...
हाई कोलेस्ट्रोल के लक्षणों को शरीर में डिटेक्ट करना बहुत मुश्किल होता
है. यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी कई गंभीर बीमारियों को बढ़ावा देता है.
हाई कोलेस्ट्रोल की समस्या का इलाज बहुत मुश्किल है, लेकिन सही समय पर डाइट
में बदलाव से इसका जोखिम कम किया जा सकता है. एक केस स्टडी के अनुसार,
खाने की चार चीजों के कॉम्बिनेशन से कुछ ही सप्ताह में कोलेस्ट्रोल लेवल 40
प्रतिशत तक घटाया जा सकता है।
कोलेस्ट्रॉल क्या है | कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण और कोलेस्ट्रॉल का घरेलू उपचार | What is Cholesterol And Cholesterol Home Remedies
इस लेख में हम कोलेस्ट्रॉल से जुडी जानकारी दी जा रही है जिसमे हम जानेंगे कि -
- कोलेस्ट्रॉल क्या है?
- शरीर में कोलेस्ट्रॉल कैसे वितरित होता है?
- उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर आपको कैसे प्रभावित कर सकता है?
- उच्च कोलेस्ट्रॉल का क्या कारण है?
- उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर से कौन ग्रस्त है?
- उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर के लक्षण क्या हैं? कोलेस्ट्रॉल का निदान कैसे किया जाता है?
- उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर की जटिलताओं क्या हैं?
- उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर के लिए उपचार क्या है? कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें?
तो आईये जानते हैँ कोलेस्ट्रॉल से जुडी सम्पूर्ण। जानकारी
कोलेस्ट्रॉल क्या है?
कोलेस्ट्रॉल एक वसा जैसा पदार्थ है जो शरीर की हर कोशिका में पाया जाता है। बनावट में मोमी, कोलेस्ट्रॉल हार्मोन, विटामिन डी, और पदार्थों का उत्पादन करने के लिए आवश्यक है जो आपको खाद्य पदार्थों को पचाने में मदद करते हैं।
कोलेस्ट्रॉल आपके रक्तप्रवाह के माध्यम से वसा (लिपिड) और प्रोटीन से बने वाहकों द्वारा ले जाया जाता है जिन्हें लिपोप्रोटीन कहा जाता है।
शरीर में स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल का स्तर दिल के दौरे और स्ट्रोक से बचा सकता है। हालाँकि, जैसा कि कहा जाता है कि बहुत अधिक अच्छी चीज खराब होती है, उसी तरह, बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल खराब होता है। बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल दिल का दौरा या स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
सामान्य एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर 100 मिलीग्राम / डीएल से कम होना चाहिए। 130 से 159 मिलीग्राम/डीएल की रीडिंग सीमा रेखा उच्च है और 160 से 189 मिलीग्राम/डीएल उच्च है।
कोलेस्ट्रॉल आपके रक्तप्रवाह के माध्यम से वसा (लिपिड) और प्रोटीन से बने वाहकों द्वारा ले जाया जाता है जिन्हें लिपोप्रोटीन कहा जाता है।
लिपोप्रोटीन दो प्रकार के होते हैं:
लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) : कोलेस्ट्रॉल का हानिकारक प्रकार है। यदि रक्त में बहुत अधिक एलडीएल कोलेस्ट्रॉल होता है, तो यह आपकी रक्त वाहिकाओं या धमनियों की दीवारों के साथ जमा हो जाता है, जिससे प्लाक बनता है।
इससे आपको दिल का दौरा या स्ट्रोक होने की संभावना बढ़ सकती है।
उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल) : कोलेस्ट्रॉल का लाभकारी प्रकार है। एचडीएल आपके रक्तप्रवाह से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को हटाने में मदद करता है और इसे यकृत में वापस कर देता है जहां यह टूट जाता है और शरीर से बाहर निकल जाता है।
कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने के लिए क्या खाएं?
– अपने खानपान में अधिकाधिक मौसमी फल व सब्ज़ियों को शामिल करें.
– इनमें संतरे का जूस प्रमुख है, जिसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है.
– ज़ीरो कोलेस्ट्रॉल वाले पदार्थ, जैसे- ताज़ा फल, सब्ज़ियां और फ़ाइबरयुक्त पदार्थ अपने भोजन में शामिल करें.
– सुबह नाश्ते में कॉर्नफ्लैक्स जैसे आहार फ़ायदेमंद रहते हैं.
क्या न खाऐं -
– रेड मीट का सेवन न करें.
– दूध, बटर, घी, क्रीम यहां तक कि आइस्क्रीम जैसे पदार्थ, जिनमें भारी मात्रा मेें कोलेस्ट्रॉल होता है, खाने से बचें.
– मावा से बनी मिठाइयां स्लो पॉइज़न का काम करती हैं, इनसे दूर ही रहें.
– सिगरेट-शराब का सेवन कम करें.
कोलेस्ट्राल कैसे कम करें | How to reduce Cholesterol
डाइट में इन चीज़ों से करें परहेज़:
आप ऐसे आहार का सेवन करें, जिसमें सैच्युरेटेड फैट की मात्रा अधिक हो तो खून में एलडीएल या बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है। मीट, डेयरी उत्पाद, अंडा, नारियल तेल, पाम ऑइल, मक्खन, चॉकलेट्स, बहुत ज्यादा तली-भुनी चीजें, प्रोसेस्ड फूड और बेकरी उत्पाद कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकते हैं, इसलिए इन चीज़ों से परहेज करें।
लाइफस्टाइल को बेहतर करें:
अगर आप पूरा दिन बैठे रहते हैं तो इससे भी खून में एलडीएल या बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है और गुड कोलेस्ट्रॉल का सुरक्षात्मक प्रभाव कम होने लगता है। इसके अलावा मोटापे की समस्या भी खून में फैट के सर्कुलेशन को बाधिक करती है। इसलिए जरूरी है कि आप वॉक करें। हफ्ते में 3 से 4 बार 45 मिनट के लिए ऐरोबिक एक्सरसाइज करें।
मोटापा कंट्रोल करें
मोटापा से भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता है। अगर आपके शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ती है, तो आपका वजन धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो जाता है। इससे हाइपरटेंशन, हार्ट अटैक, टाइप 2 डायबिटीज, स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मोटापे को कंट्रोल रखें।
स्मोकिंग से भी बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल:
स्मोकिंग करने से रक्त धमनियां कठोर होने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है, दिल की ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ने लगती है और इस कारण फैट मेटाबॉलिज्म से जुड़ी बीमारी हो सकती है जिससे खून में गुड कोलेस्ट्रॉल या एचडीएच का लेवल घटने लगता है। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा वॉक करें, रनिंग करें, जॉगिंग करें, स्विमिंग और डांसिंग आदि भी आपको सक्रिय बनाए रखने और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद करेंगे।
कोलेस्ट्राल कम करने के लिए ये सावधानियां बरतें | Precautions to reduce Cholesterol
– दवा के अलावा कुछ सावधानियों और खानपान में सुधार लाकर भी कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है, क्योंकि खानपान व रहन-सहन के तौर-तरीक़ों में बिगड़ते संतुलन की वजह से ही शहरी लोग विशेष रूप से हाई कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) के शिकार हो रहे हैं |
– डॉक्टर की सलाह के अनुसार अपने खानपान और जीवनशैली में परिवर्तन करें |
– शरीर का वज़न बढ़ने न दें. शरीर की एक्स्ट्रा कैलोरीज़ बर्न करें यानी ज़्यादा से ज़्यादा पैदल चलें |
– नियमित एक्सरसाइज़ इसमें मददगार है. जॉगिंग, स्विमिंग, डांसिंग और एरोबिक्स नियमित रूप से करें.
– बिल्डिंग मेें चढ़ने के लिए लिफ़्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.
– यदि आपको हार्ट से जुड़ी बीमारी होने का ज़रा भी शक है, तो तुरंत हार्ट स्पेशलिस्ट की सलाह लें.
– जो लोग चिकनाई वाले आहार कम खाते हैं, उनके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का अनुपात कम होता है.
– खाद्य पदार्थ ख़रीदते समय उनके लेबल गौर से पढ़ लें. ऐसे ही पदार्थ ख़रीदें, जिनमें वसा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो |
कोलेस्ट्रॉल की जांच | Cholesterol Test
– 20 साल की उम्र से अधिक आयुवालों को हर 5 साल में कोलेस्ट्रॉल का टेस्ट ज़रूर करवाना चाहिए.
– टेस्ट में लिपोप्रोटीन टेस्ट करवाना ज़रूरी होता है, जिससे आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल पता चलता है।
– यह भी देखा गया है कि मेनोपॉज़ से पहले एक ही उम्र के स्त्री-पुरुषों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर अलग-अलग होता है. स्त्रियों में पुरुषों के मुक़ाबले कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है.
– लेकिन मेनोपॉज़ के बाद स्त्रियों में पुरुषों की अपेक्षा कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफ़ी ज़्यादा पाया जाता है.
– ऐसे में मेनोपॉज़ के बाद महिलाओं को अपने कोलेस्ट्रॉल स्तर पर ख़ास ध्यान देना चाहिए.
हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने की होम रेमेडीज़ घरेलू नुस्खे
1 कप गर्म पानी में 1-1 टीस्पून शहद और नींबू का रस मिलाकर रोज़ सुबह पीने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर प्राकृतिक रूप से कम होता जाता है.
1 ग्लास पानी में 2 टेबलस्पून साबूत धनिया उबाल लें. ठंडा होने पर छान लें. इसे दिन में दो बार पीएं.
प्याज़ का रस न स़िर्फ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, बल्कि खून साफ़ करके हृदय को भी मज़बूत करता है.
विटामिन ई से भरपूर डायट लें, जैसे- सूरजमुखी के बीज, सोयाबीन ऑयल, अंकुरित अनाज आदि.
विटामिन बी 6 भी लें.
इसके अलावा रोज़ाना लहसुन खाएं. गुग्गुल भी बहुत फ़ायदेमंद है.
गिलोय और कालीमिर्च पाउडर के मिश्रण को रोज़ाना दिन में दो बार 3 ग्राम की मात्रा में खाएं.
1 ग्लास पानी में 1 टीस्पून मेथी पाउडर मिलाकर 1 महीने तक रोज़ खाली पेट पीने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है.
मेथीदाने का नियमित सेवन भी काफ़ी फ़ायदेमंद होता है.
रोज़ाना 1 टेबलस्पून शहद के सेवन से भी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहता है.
कुकिंग के लिए सनफ्लावर ऑयल का ही इस्तेमाल करें.
कोलेस्ट्राल के कारण कई बीमारियां भी हो सकती हैं
पीसीओएस, हाइपोथायरायडिज्म, डायबिटीज, किडनी डिजीज, एचआईवी और ऑटोइम्यून बीमारियां जैसे रुमेटायड आर्थराइटिस, सोरायसिस आदि की वजह से भी कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने लगता है। इसलिए जरूरी टेस्ट कराके इस बीमारी का उपचार करें।