Benefits of Black paper : Best Treatment for Thyroid and Obesity
काली मिर्च के पौधे का मूल स्थान दक्षिण भारत ही माना जाता है। भारत से बाहर इंडोनेशिया, बोर्नियो, इंडोचीन, मलय, लंका और स्याम इत्यादि देशों में भी इसकी खेती की जाती है। विश्वप्रसिद्ध भारतीय गरम मसाले में, ऐतिहासिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से, काली मिर्च का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसका वर्णन और उपयोग प्राचीन काल से चला आ रहा है। ग्रीस, रोम, पुर्तगाल इत्यादि संसार के विभिन्न देशों के सहस्रों वर्ष पुराने इतिहास में भी इसका वर्णन मिलता है।
इसके दानों में 5 से 9 प्रतिशत तक पिपेरीन (Piperine), पिपेरिडीन (Piperidin) और चैविसीन (Chavicine) नामक ऐल्केलायडों के अतिरिक्त एक सुगंधित तैल 1 से 2.6 प्रति शत तक, 6 से 14 प्रति शत हरे रंग का तेज सुगंधित गंधाशेष, 30 प्रति शत स्टार्च इत्यादि पाए जाते हैं। काली मिर्च सुगंधित, उत्तेजक और स्फूर्तिदायक वस्तु है। आयुर्वेद और यूनानी चिकित्साशास्त्रों में इसका उपयोग कफ, वात, श्वास, अग्निमांद्य उन्निद्र इत्यादि रोगों में बताया गया है।
भूख बढ़ाने और ज्वर की शांति के लिए दक्षिण में तो इसका विशेष प्रकार का 'रसम' भोजन के साथ पिया जाता है। काली मिर्च (Black Pepper) का इस्तेमाल घरों में सब्जियों व पकवानों को स्वादिष्ट बनाने के लिए किया जाता है। मगर क्या आप जानते हैं की आयुर्वेद में काली मिर्च का इस्तेमाल विभिन्न रोग-विकारों की दवाइयां बनाने में किया जाता हैं।
काली मिर्च के गुणों से परिचित होने के बाद बहुत सारे लोग घरेलू औषधि के रूप में भी करने लगे हैं । काली मिर्च में अनेक औषधीय गुण समाये हैं, अक्सर महिलाओं में थायरॉक्सिन लेवल कम होने से तेजी से वजन बढ़ता है पेपेराईन इस समस्या से छुटकारा दिला सकता है।
Benefits of Black paper : Best Treatment for Thyroid and Obesity
आज हम आपको बता रहे हैं थाइरोइड के मरीजों के लिए काली मिर्च के रामबाण प्रयोग। इसके साथ ये मोटापा घटाने में भी बहुत लाभदायक है। आइये जाने।
काली मिर्च से बनाये शरीर का काया कल्प ड्रिंक
इसको बनाने के लिए पांच काली मिर्च को पीसकर पानी में भिगो दें। इस पानी को उबालें और छानकर पिएं। इस ड्रिंक में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कैंसर से बचाता है। इसमें मौजूद पोटेशियम से ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल में रहता है। कार्बोहाइड्रेट्स से शरीर की कमजोरी दूर होती है। काली मिर्च को गुनगुने पानी में मिलाकर पीने से बॉडी को भरपूर आयरन मिलता है। यह एनीमिया यानि खून की कमी से भी बचाता है यह जॉइंट पैन से बचाव करता है। इससे बॉडी के जहरीले पदार्थ यानि टॉक्सिन्स दूर होते हैं। यह कब्ज को भी दूर करता है। इससे बॉडी का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। यह तेजी से वजन कम करता है। इससे शरीर में नमी बनी रहती है। इससे चेहरे की चमक बढ़ती है। इससे मसल्स मजबूत होती हैं
- आँखों की पलकों के किनारे निकलने वाली गुहेरी (छोटी फुंसी ) पर काली मिर्च को पानी में पीसकर लेप करने से बहुत लाभ होता है।
- नीबू और अदरक के 5-5 ग्राम रस में 1 ग्राम काली मिर्च का पाउडर मिलाकर सेवन करने से पेट का दर्द शीघ्र ठीक होता है।
- काली मिर्च के 5 दाने मिसरी मिले दूध के साथ निगलने से तेज जुकाम भी जल्द ही ठीक होता है।
- काली मिर्च का आधा चम्मच पाउडर लेकर उसमें शहद और घी मिलाकर लेने से सर्दी से जुकाम सिरदर्द ठीक होते हैं।
- सर्दी से होने वाले छाती का दर्द भी ठीक होता है। और कफ भी सरलता से निकल जाता है। सर्दी से बचने के लिए काली मिर्च के उपाय के रूप में आप इसे चाय या दूध में मिलाकर पी सकते हैं ।
- काली मिर्च को घी में घिसकर बूंद-बूंद नाक में टपकाने से आधा सर का दर्द (माइग्रेन) ठीक होता है।
- काली मिर्च की तासीर गर्म होती है। गर्मी के दिनों में गर्मी को कम करने के लिए इसे गुनगुने पानी के साथ लेना फायदेमंद(Black Pepper Benefits in hindi) होता है।
- सुबह सुबह गर्म पानी के साथ काली मिर्च का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है | इसके अलावा ये हमारे बॉडी सेल्स को भी पोषण देने का काम भी करती है | जुकाम होने पर पिसी काली मिर्च मिलाकर गर्म दूध पीएं।
- यदि जुकाम (cold cough ) लम्बे समय से बार-बार होता है और छींके आती हैं तो काली मिर्च(Black Pepper Benefits in hindi) की संख्या एक से शुरू करके रोज एक बढ़ाते हुए 15 दिन तक खाएं। ऐसा ही 15 दिन के बाद वापस एक-एक घटाते हुए खत्म करें। ऐसा करने से पुराना जुकाम नजला खत्म हो जाएगा।
- खांसी होने पर आधा चम्मच काली मिर्च (Black Pepper Benefits in hindi)का पाउडर और आधा चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3-4 बार खाने से खांसी दूर होती है
काली मिर्च (Black Pepper Benefits in hindi)में पिपेराइन नामक रसायन ख़ूब पाया जाता है। ये रसायन कमाल का फ़ैट बर्नर है, यानी वसा के विघटन के लिए खासम-खास। जिन्हें हाईपोथायरॉइड की समस्या है, सिर्फ 7 काली मिर्च कुचलकर 15 दिनों तक रोज खा लें। काली मिर्च कूट पीसकर किसी भी तरह चाहे सलाद पर डालकर चाहे दाल या सब्जी में डालकर चाहे निम्बू पानी या शरबत में मिलाकर ।15 दिन बाद बताएं क्या परिणाम मिले सकारात्मक परिणाम आना तय है, इसके प्रभाव को तमाम आधुनिक शोध परिणामों के जरिये सटीक माना गया है